कीमत तो चुकानी पड़ती है!
इंदिरा सागर बांध परियोजना से प्रभावित 250 गांवों और उनके दर्द के प्रतीक बने एक खंडवा जिले के हरसूद के विस्थापितों के बारे में नजदीकी जिलों और राजधानी के नेताओं, अफसरों से लेकर आम जनता तक यही राय रखते हैं.
30 जून को हरसूद डूबने के चार साल बाद विस्थापितों की बस्ती नया छनेरा में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार आपको मिल जाएंगे, जिनके लिए दो जून की रोटी दुनिया का सबसे बड़ा सवाल है. एक ऐसा सवाल जो हर रोज उनके घरों में सुबह होने के साथ जागता है और पूरा घर हर रोज उससे जुझता रहता है.
Read the complete Article on-
http://www.raviwar.com/news/40_harsud-fouryear-dsmishra.shtml


Comments (0)